Garib Auto Wala Story In Hindi – Latest Story 2020

Garib Auto Wala Story In Hindi – Latest Story 2020

 

A Story of Poor Rikshawala In Hindi

ये कहानी एक गरीब ऑटो रिक्शा वाले की है, जिसका नाम अनिल है, अनिल भाड़े पर ऑटो लेकर उसे चलता और अपने घर का गुजरा करता था | जो कोरोना महामारी के कारण से हुए लॉक डाउन की वजह से बहुत परेशान था | लॉक डाउन की वजह से उसकी कमाई पूरी तरह से बंद ही चुकी थी | उसने अपनी मेहनत से जो पैसे जोड़ कर रखे थे, वो भी कुछ महीनो के लॉक डाउन की वजह से सब खर्च हो चुके थे | अनिल की बीबी और दो बच्चे थे, जिनका पेट पाल पाना भी उसके लिए मुश्किल हो रहा था | ऊपर से रिक्शे का भाड़ा और मकान का किराया भी देना पड़ता था | कुछ करके उसने किसी तरह अपने रिश्तेदारों से कुछ पैसे उधार लिए, जिनसे उसका खर्चा निकल रहा था | कुछ दिनों में उधार लिए पैसे भी खर्च हो जाते है और घर में राशन भी ख़त्म हो जाता है |

अनिल सोच में पड़ गया, आखिर ऐसा कब तक चल पायेगा, लॉक डाउन में मेरा रिक्शा तो अभी चल नहीं पायेगा, मुझे कुछ और काम करना होगा | ये सोच कर वो दूसरे काम की खोज में निकल पड़ता है | वो देखता है, कोरोना के कारण सभी काम काज अभी बंद पड़े है, केवल राशन की दुकाने और मेडिकल खुले है | मेडिकल पर उसे काम नहीं मिल पायेगा, पर राशन की दुकान पर तो जरूर कोई काम मिल जायेगा | इसी सोच के साथ वह कई राशन की दुकानों पर भटकता और काम मांगता है | पर उसे कोई काम नहीं मिल पाता, आखिर में फिर उसे किसी दुकान पर काम मिल जाता है |

उस दुकान का मालिक उसे महीना ख़त्म होने के बाद ही उसकी पगार देने की बात कहता है, पर अनिल को तो अभी पैसो की जरुरत होती है, ताकि वो अपने परिवार को खाना खिला सके | अनिल दुकान से मालिक से कहता है – मुझे आप केवल मेरे घर के लिए राशन दे देना, फिर चाहे तो आप पैसे महीना ख़त्म होने पर दे देना | उस दुकान के मालिक को उसकी हालत देख कर दया आ जाती है और वो अनिल की बात से सहमत हो जाता है, और उसे काम पर रख लेता है, और शाम को दुकान बंद करते वक्त वो उसे उसके घर के लिए राशन बह दे देता है |

घर का किराया और रिक्शे का भाड़ा तो अनिल नहीं जमा कर पाता मगर घर चलाने के लिए उसे राशन जरूर मिल जाता है | वो इस बात से भी बहुत खुश होता है की उसकी बीबी और बच्चो को कम से कम दो वक्त की रोटी मिल जाएगी और उन्हें भूखा नहीं सोना पड़ेगा | कुछ दिनों के बाद धीरे धीरे लॉक डाउन ख़त्म होता है, और उसके रिक्शे का काम चालू हो जाता है, उसकी कमाई अब लॉक डाउन के पहले जैसी तो नहीं हो पाती, पर वो इतना तो कमा लेता था जिससे उसके घर का किराया और अपने ऑटो का भाड़ा भर सके | वो धीरे धीरे पैसे इकट्ठे करके रिक्शे और मकान का भाड़ा चूका देता है |

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