Home Work – Best Story For Kids In Hindi

Home Work – A Best Story In Hindi For Kids and Students

ये कहानी स्कूल के एक छात्र सौरभ की है, जो पढ़ने लिखने में बहुत आलसी खोर था, इसलिए क्लास मे भी वो लास्ट बेंच पर ही बैठता था | सौरभ को खेलने और कभी पर घूमने जाने में बड़ा मजा आता था | स्कूल की छुट्टी के बाद वो सीधे अपने दोस्तों के साथ खेलने चला जाता था | और जब की उसकी मम्मी उसे होम वर्क करने का कहती तो वो स्टडी रूम में जाकर गेम खेलने लग जाता | और जब उसकी मम्मी उससे होम वर्क का पूछती तो कह देता की उसने होम वर्क पूरा कर लिया | क्यूंकि उसके माता पिता पढ़े लिखे नहीं थे तो वो सौरभ को होम वर्क भी चेक नहीं करते थे | पर वो अपने बच्चे को अच्छे से पढ़ाना चाहते थे | ताकि वो बड़ा होकर कोई अच्छा काम करे |

लेकिन सौरभ को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था, जैसे ही स्कूल से छुट्टी होती वैसे ही वो अपने दोस्तों के साथ खेलने चले जाता | और क्लास में दिया गया होम वर्क भी वो पूरा नहीं करता था और जिस दिन क्लास में टीचर नोट बुक चेक करते उस दिन वो कोई न कोई बहाना मारकर उस दिन स्कूल भी नहीं जाता | सौरभ की एग्जाम नज़दीक आ रहे थे, उसके क्लास के दोस्त ने उसे अपनी नोटबुक पूरी कर लेने को कहा और टीचर कभी भी चेक कर सकते है | पर सौरभ ने यह कहकर बात टाल दी की अभी एग्जाम को बहुत टाइम है, और कभी अपनी नोटबुक तैयार कर लूंगा |

सौरभ अपने माता पिता का एकलौता लड़का था, वो पढ़ लिख नहीं आये लेकिन वो सौरभ को पढ़ा लिखा कर एक अच्छा इंसान बनाना चाहते थे और इसके लिए उसके पिता बहुत मेहनत भी करते थे | सौरभ को उसके माता पिता बहुत प्यार करते थे, वो जो कहता उसे वो पूरा करते | सौरभ स्कूल तो रोज जाता, पर स्कूल में जो पढ़ाते उसे घर आकर वो पूरा नहीं करता | उसकी अब तक कोई भी नोटबुक तैयार नहीं थी | ऐसा ही चलता रहा, एक दिन क्लास के टीचर सबकी नोटबुक चैक करने को कहा, मैं कल तुम सब की नोटबुक कल चेक करूँगा | इसलिए कल सभी अपनी नोटबुक लेकर आना | सौरभ की नोटबुक पूरी नहीं थी इसलिए वो पेट दर्द का बहाना मार कर स्कूल नहीं गया |

टीचर ध्यान से सबकी नोटबुक चेक कर रहे थे इसलिए इतने सारे बच्चो की नोटबुक करने में उनकी क्लास का समय ख़त्म हो गया तो टीचर ने बाकी बचे हुए बच्चो की नोटबुक कल चेक करने को कहा | सौरभ के दोस्त को पता था की उसने आज भी नोटबुक पूरी नहीं की होगी और वो खेलने ही गया होगा | उसका दोस्त सीधे ही उससे मिलने गया और उसे कहा की टीचर ने बाकी बचे हुए स्टूडेंट्स की नोटबुक कल चेक करेंगे | सौरभ इसलिए फिर एक बार मम्मी के सामने पेट दर्द करने का बहाना करता है, तो उसकी कहती है – ठीक है आज भी मत जा स्कूल !
ये सुनकर सौरभ खुश हो जाता है और स्कूल का टाइम ख़त्म होते ही वो फिर खेलने चले जाता है और वो नोटिब्बोक चेक कराने से बच जाता है | लेकिन आज भी ऐसा ही होता है, आज भी टीचर को नोटबुक चेक करते करते पीरियड ख़त्म हो जाता है और बाकी बचे बच्चो की नोटबुक कल चेक करने का कहकर चले जाते है |
सौरभ का दोस्त स्कूल के बाद फिर उसे ये बात बताने उसे जाता है | अब सौरभ थोड़ा परेशान हो जाता है, की कल वो उसकी मम्मी को स्कूल न जाने के लिए कैसे मनाएगा | फिर सबेरे सौरभ अपने पेट दर्द का बहाना बनाता है, आज उसकी मम्मी समझ जाती है की वो बहाने बना रहा है, वो सौरभ से कहती है – तुम रोज स्कूल के टाइम पर पेट दर्द का बहाना बनाते हो और स्कूल का टाइम ख़त्म होते ही खेलने चले जाते हो, आज तुम्हारा ये बहाना नहीं चलेगा आज तुम्हे स्कूल जाना ही होगा |

सौरभ को और कोई रास्ता नजर नहीं आता कर उसे स्कूल जाना ही पड़ता है| क्लास में टीचर ने सबको अपनी अपनी नोटबुक लाने को कहा, बाकी बचे हुए बाकी बच्चो ने अपनी नोटिब्बोक चेक करवा ली | जब टीचर ने सौरभ से अपनी नोटबुक चेक कराने को बोलै तो सौरभ ने नोटबुक घर पर भूल आने का बहाना बना लिया | उस समय तो सौरभ बच गया, लेकिन टीचर ने उसे कल अपनी नोटबुक लाकर चेक करवाने को कहा, सौरभ समझ गया था की अब कोई बहाना नहीं चल पायेगा, उसे किसी भी तरह अपने नोटबुक चेक करवानी ही होगी | उसने अपने दोस्त ने उसकी नोटबुक मांगी और घर जाते ही उसके दोस्त की नोटबुक की मदद से वो नोटबुक तैयार करने लगा | नोटबुक तैयार करने में सौरभ की पूरी रात गुजर गयी और रात भर सो नहीं पाया |

पर उसे इस बात की ख़ुशी थी की उसने नोटबुक तैयार कर ली थी, अब उसे टीचर की डांट नहीं खानी पड़ेगी | वो तैयार होकर स्कूल गया | टीचर ने सौरभ को अपनी नोटबुक लाने को कहा | सौरभ नोटबुक लेकर टीचर के पास गया | टीचर उसकी हालत देखकर समझ गए थे की सौरभ रात भर सोया नहीं है और उसने आज ही अपनी नोटबुक तैयार की है | वो सौरभ को समझाते है की देखो सौरभ मुझे कल की पता चल गया था की तुमने अपनी नोटबुक तैयार नहीं की थी | इसलिए हम कहते है की रोज का काम रोज कर लिया करो ताकि तुम पर एक साथ इतने काम का कोई बोझ ना आये, इससे बाद में तकलीफ तुम्हे ही उठानी होती है | इसलिए स्कूल से दिया गया होम वर्क घर जाकर रोज पूरा कर लिया, उसके बाद खेलने चले जाया करो, ताकि तुम्हे बाद में रात रात भर जाग कर इतना सारा वर्क ना करना पड़े | सौरभ टीचर की बात समझ गया था, सौरभ आज से स्कूल से जाने के बाद पहले अपना होम वर्क उसके बाद में समय मिलता तो वो खेलने जाता |

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