School Friendship – New Moral Story For Kids In Hindi

आज की कहानी १२ साल के छात्र लव की है, जो अपने माँ पिता की एकलौती संतान थी | लव के पिता जी पुलिस अफसर थे, इस कारण उनका तबादला एक शहर से दूसरे शहर अक्सर होता ही रहता | एक बार उनका तबादला इंदौर शहर में हुआ, कुछ ही दिनों में लव के पिता जी ने उसका दाखिला इंदौर से सबसे अच्छे स्कूल में करा दिया | आज लव के नयी स्कूल में जाने का पहला दिन था, इसलिए आज उसे उसके पापा स्कूल छोड़ने जाने वाले थे | लव के पिता जी अक्सर उसे अच्छी और ज्ञान की बताते थे, आज भी स्कूल छोड़ने से ने लव से कहा – लव बेटा आज नयी स्कूल में तुम्हारा का पहला दिन है, नए टीचर मिलेंगे, नए दोस्त भी बनाएंगे | ध्यान रखना दोस्ती हमेशा अच्छे बच्चो से ही करना, शरारती और बदमाश लड़को से दूर रहना और पढाई में अच्छे लगाना | ये कहकर पिता उसे स्कूल छोड़कर अपनी ड्यूटी पर चले गए |

 

लव की पहली क्लास का टाइम हो रहा था, इसलिए वो सीधे ही में गया | उसने देखा आगे की बेंच खली नहीं थी तो वो पीछे की बेंच पर जाकर बैठ गया, दोस्तों के बिना उसे अच्छा नहीं लग रहा था, उसे अपनी क्लास के पुराने दोस्तों की याद आ रही थी | क्लास शुरू हुई, टीचर ने सबकी अटेंडेंस ली | लव क्लास में नया था, इसलिए टीचर ने क्लास के सभी बच्चो को लव के बारे में बताया और उनको लव से दोस्ती करने को कहा | क्लास खत्म होने के बाद कुछ लड़को के पास गया और उनसे दोस्ती करने को कहा – क्या तुम मेरे दसौत बनोंगे ? लड़को ने उससे दोस्ती करने को मना कर दिया | उसने देखा क्लास में दो लड़कियाँ आगे की बेंच पर बैठी थी, जिनका नाम चिंकी और रिंकी था, वो किसी से बात नहीं करती थी, लव उनके पास गया और जाकर उनसे दोस्ती करने को कहा | मगर चिंकी और रिंकी ने भी ये कहकर मना कर दिया की वो एक दूसरे की सबसे अच्छी दोस्त है और उन्हें किसी तीसरे दोस्त की आवश्यकता नहीं !

लव उदास हो गया, कोई उसके दोस्ती नहीं करना चाहता था | क्लास का सबसे शरारती बच्चा चंदू ये देख रहा था, वो क्लास में सबसे ज्यादा शरारत करता था, जिसके कारण उसके साथ रहने वाले दूसरे लड़कों को भी टीचर की डांट खानी पड़ती थी, इसलिए उसका भी कोई दोस्त नहीं था, वो लव के पास आकर बोला – हेलो मेरा नाम चंदू है, मैं तुम्हारे पीछे की बेंच बैठता हूँ, मैं जानता हूँ क्लास में कोई भी तुमसे दोस्ती नहीं करना चाहता, तो क्या तुम मेरे दोस्त बनोंगे – चंदू ने कहा !
ये बात सुनते ही लव के चेहरे पर जो उदासी थी वो हट गयी और उसके चेहरे पर एक ख़ुशी की लहर दौड़ गयी, वो झट से बोला – हाँ ! मैं तुम्हारा दोस्त बनने को तैयार हूँ और फिर वो दोनों एक दूसरे के दोस्त बन गए | लव को ये बात पता नहीं थी की चंदू क्लास का सबसे शरारती लड़का है, जब स्कूल की छुट्टी हुई तो चिंकी और रिंकी, लव के पास आयी और उसे चंदू के बारे में बताया और उसे समझाया की अगर तुम उसके साथ रहोगे तो किसी दिन तुम्हे भी टीचर की डांट खानी पड़ सकती है | वो घर जाते समय पुरे रास्ते में चिंकी और रिंकी ने जो बात कही थी सोचता रहा | पर बड़ी मुश्किल से क्लास में कोई उसका दोस्त बना था, इसलिए वो चंदू से दोस्ती तोडना नहीं चाहता था |

दूसरे दिन वो फिर स्कूल गया, और जाते ही वो अपनी क्लास रूम में जाकर पीछे की बेंच पर जाकर बैठ गया, कुछ समय बाद चंदू भी वहां आकर उसके पास बैठ गया | लव उदास होकर बैठा था, चंदू ने उससे पूछा – लव तुम इतने उदास बैठे हो, अभी तो क्लास भी शरू हुई, तुम्हे किसी ने कुछ कहा क्या ? तुम उसका नाम बताओ, मैं अभी उसे जाकर उसे देखते हूँ – चंदू ने कहा !
लव ने फिर उसे कल की बात बताई, चंदू चिंकी और रिंकी से गुस्सा था, वो लव से कहता है – चिंकी और रिंकी हमारी दोस्ती तुड़वाना चाहती है, मैं ऐसा बिलकुल भी नहीं होने दूंगा, तुम रुको मैं इन्हे अभी मजा चखा हूँ !

 

चंदू धीरे से जाता है और रिंकी का बेग उठा लाता है, और उसे पीछे टेबल के निचे ले जाकर छुपा देता है, लव उसे ये सब करने से रोकता है, और कहता है की अगर टीचर को पता चल गया तो वो हमे बहुत डांटेगी, पर चंदू उसकी बात नहीं मानता है | रिंकी अपना बेग देखती है, उसे अपना बेग दिखाई है, कुछ समय बाद क्लास शुरू होती है, जब टीचर क्लास में आते है तो रिंकी उसके बेग खो जाने की शिकायत करती है | टीचर सब बच्चो से कहते है, जिसने भी रिंकी का बेग छुपाया है वो उसे लौटा दे, अगर बाद में उन्हें पता चल गया की किसने ये किया है उसे प्रिंसिपल सर के पास ले जाया जायेगा | लव डर जाता है और वो चंदू को रिंकी का बेग लौटा देने को कहता है, मगर चंदू अब भी उसकी बात नहीं मानता |

 

टीचर क्लास में रिंकी का बेग ढुंढवाती है, उन्हें पीछे की बेंच के निचे रिंकी का बेग पड़ा हुआ मिलता है, वो फिर पूछती है की ये किसने किया, जवाब नहीं मिलता है | वो प्रिंसिपल ऑफिस जाकर CCTV कैमरा चेक करवाती है, तो उन्हें पता चलता है की ये चंदू की शरारत है | वो क्लास में चंदू को खूब डांटती है, और चंदू की चोरी छुपाने के लिए लव को सजा मिलती है | उसे अपने पिता की कही हुई बात याद आती है, उसे समझ में आ गया था कि चंदू जैसे दोस्त से दोस्ती तो अच्छा है मैं बिना दोस्त के रहूँ | वो चंदू तोड़ देता है और अपनी पढाई पर ध्यान देने लगता है |

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